क्यों डरते है बच्चे अँधेरे से ?
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By Ease Parenting

September 14, 2016

अँधेरे से बच्चो का डरना एक आम समस्या हे जो लगभग हर अभिभावक को देखनी पड़ती हे | खासकर छोटे बच्चे जो 0 से 5 वर्ष की उम्र के हे उनके साथ ये अधिक होती हे | अँधेरे से डरने के बहुत सरे कारण होते है |

1) Imagination - बच्चे जब प्ले स्कूल जाने लगते है तो उनकी चीजो को लेकर इमेजिनेशन स्वत्: बनती और बढ़ती है | जो कहानियॉ और चरित्र उन्हें स्कूल में पढ़ाते है , वे उसे अपने आप ही अलग अलग रूप देकर विचार करने लगते है | स्वत: कहानिया भी गढ़ने लगते है l यह अलग अलग खनियय जब उनके दिमाग में चलती है तो वो दर का रूप लेती है क्योकि वो उन्हें दिखाई भी देने लगती है इस वो सोचने लगते है |

2) T.V. / Video - आज की पीढ़ी पैर अगर किसी का सबसे अधिक प्रभाव है तो वो है टी.वी. छोटे बच्चो पैर इसका बहुत जल्दी प्रभाव पड़ता है | मेरे अपने बच्चो को मैने देखा है क्र अगर टी.वी. पैर कुछ डरावना देख लिया है तो वे अँधेरे में जाने से डरते है | वो किसी का शठ ढूढते है ताकि अक्केला न जाना पड़े |

3) Environment - बच्चो पैर अपने घर और स्कूल दोनों ही वातावरण का फर्क पड़ता है| अगर घर में बच्चा हिंसात्मक ,गुसैल माहौल देखता है वो मानसिक रूप से कंज़ोर महसूस करता है , साथ ही अगर स्कूल में उसे कोई परेशानी है, उसे कोई शारीरिक या मानसिक रूप से परेशान कर रहा है तो ये सब वो अकेले में , अँधेरे में सोच के भी डरने लगता है|

4) Bedroom’s Atmosphere- बच्चो का बैडरूम उनका अँधेरे से डरने और न डरने में अहम् भूमिका निभाता है | अत्यधिक धूमिल रंग, अत्यधिक शांति भी कमरे को अरुचिपूर्ण बना देता है | बच्चे अपने है बैडरूम में जाने से हिचकिचाते है |बाकि साडी समस्याएं इससे ऑफ़ बढ़ जाती है | अँधेरे डरना और भी कई प्रकार के भय उत्पन्न करता है और बच्चे के व्यतित्व पैर प्रभाव डालता है|

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